राजस्थान के गठन के साथ ही प्रदेश कांग्रेस के सम्मुख राज्य में सदियों से व्याप्त सामन्तवाद, अशिक्षा, जातिवाद और पिछड़ेपन जैसे गंभीर समस्याएं थी जिनके उन्मूलन के काम को राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने प्रारम्भ से ही एक चुनौती के रूप बखूबी स्वीकारा।
राजस्थान प्रदेश कांग्रेस का लक्ष्य राज्य में धर्मनिरपेक्ष, समाजवादी, प्रगतिशील लोकतान्त्रिक समाज का निर्माण रहा है,
इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए राज्य के कोटिश कॉंग्रेसजन राष्ट्रपिता महात्मा गांधी, युगदृष्टा पंडित जवाहर लाल नेहरू, लौहपुरुष सरदार पटेल, मौलाना आज़ाद, डॉ भीमराव आंबेडकर, इंदिरा गांधी एवं आधुनिक भारत के निर्माता राजीव गांधी से प्रेरणा लेते रहे है।
मुझे पूरा विश्वास है, जहाँ राहुल गांधी जैसा सुयोग्य नेतृत्व, सत्य व नैतिक बल का समागम हो वहां विजय अवश्यम्भावी है
एक देश की संस्कृति वहाँ रहने वाले लोगो के दिलो मे व उनकी आत्मा मे निवास करती है | हम क्या कर सकते है तथा हमारे कुछ करने की योग्यता का अंतर ही विश्व की अधिकांश समस्याओ को हल करने के लिए पर्याप्त होगा | अहिंसा मानव जाति के लिए सबसे बड़ी ताकत है यह मानव द्वारा तैयार विनाश के ताकतवर हथियार से भी अधिक शक्तिशाली है | मेरा धर्म सत्य ओर अहिंसा पर आधारित है | सत्य मेरा भगवान है तथा अहिंसा ओर उसे साकार करने का साधन है |
जन्म तिथि 07 जुलाई, 1 9 68 (विक्रम समवत 2025 असध कृष्णपक्ष त्रिआदिशी - मंगलवार) पिता श्री जेठाराम जी राजगुरु माँ श्रीमती धापू देवी जन्मस्थान बालोतरा गांव तहसील बादामेर (राजस्थान राज्य) जन्म का नाम जगदीश वैराग्य बाल ब्रम्हचारी पिथ संत कबीर पिठ, बालोतरा गुरु ब्रह्मलिन महंत श्री रघुनाथजी महाराज, तपस्वी ध्यान और योग शिक्षा का ज्ञान कई गौशाला और गाय के भक्त का प्रावधान कई जगहों पर कई मंदिरों का विकास हुआ शिक्षा के लिए उत्साहित समाज विकास संत जागरूकता के लिए युवाओं को अच्छी चीजों के साथ मिलकर मार्गदर्शन करें।
मुझे जमीनी स्तर पर सतत रूप से कार्य करने का सौभाग्य प्राप्त हुआ और जिसके कारण लोगों के साथ मेरी बातचीत होती रही और मुझमें लोगों की आवश्यकताओं और अपेक्षाओं की समझ का विकास हुआ। जिस भावी लक्ष्य के लिए मैं प्रतिबद्ध हुँ वह मेरे सामने देश की सेवा में लगे मेरे परिवार के बड़े बुजुर्गों से प्राप्त हुई। हमारे महान राज्य के लिए मेरे भावी लक्ष्य (विजन) के मुख्य स्तम्भ हैं:-
1.लोकतांत्रिक नीति के लिए सुविज्ञ नागरिकों का होना अपेक्षित है। शिक्षा स्वस्थ लोकतांत्रिक परंपराओं को संपोषित करती है। मूल्यहीन शिक्षा प्रणाली से व्यक्ति का समग्र विकास संभव नहीं है। अतः हमें मूल्य आधारित शिक्षा प्रदान करने वाली स्कूल प्रणाली स्थापित करनी होगी जिससे सुशिक्षित नागरिकों के माध्यम से हमारे राज्य और राष्ट्र की संभावनाओं को मूर्त रूप दिया जा सके।
2.खेलकूद से युवाओं को आत्मविश्वासी, व्यवस्थित और सक्षम कार्यबल में परिवर्तित किया जा सकता है जो हमारे राज्य में समाजिक और आर्थिक परिवर्तन ला सके। हमारी 75% जनसंख्या गांवों में रहती है, मेरा दृढ़ विश्वास है कि हमें ग्रामीण क्षेत्रों में खेलकूद के लिए अवसंरचना का सृजन करना चाहिए। प्रतिभा खोज, ब्लाक और पंचायत स्तर पर नियमित प्रतिस्पर्धा, अवसंरचना (होस्टल, ग्राउण्ड आदि) निर्माण, शैक्षणिक पाठ्यचर्या में खेलकूद पर अधिक जोर और ग्रामीण क्षेत्रों के योग्य युवाओं को खेलकूद छात्रवृत्तियां प्रदान करके ग्रामीण खेलकूद विकास के मेरेे विजन को साकार करने में सहायता प्राप्त होगी।
3.नशे का दुष्प्रभाव हमारे युवाओं का उत्साह और ऊर्जा समाप्त कर देता है। नशे की लत से विशेष रूप से वंचित लोगों का जीवन नर्क बन जाता है। मुझे यह देखकर अत्यधिक खिन्नता और दुख होता है कि हमारे क्षेत्र के कई लोग, विशेषकर युवा, नशे के दुष्चक्र का शिकार हो गए हैं। मैं नशे की लत से उत्पन्न भयंकर दुष्प्रभावों के विरूद्ध लड़ने और जो लोग इसका शिकार हुए हैं उनका पुनर्वास कराने के लिए स्वयं को समर्पित करूंगा। नशे के विरूद्ध जागरूकता पैदा करके, नशामुक्ति केन्द्रों की स्थापना करके, सामाजिक दंश को दूर करके और पीड़ितों की समस्याओं का समाधान करके नशे के दुष्प्रभावों से अपने राज्य को मुक्त कराना मेरे विजन के भाग में है।